दिल्ली दंगे की राजनीति

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किसी की बेशर्मी और बेहयाई पर भला क्या राय दी जा सकती है। छात्र जीवन में एक एडल्ट जोक सुना था यही अमनातुल्ला जैसे लोगो पर लागू होता है। यहां के हिसाब से उसे शेयर करता हूं।

एक पाक बस्ती में एक बार सलीम नाम का अनाथ पहुंच जाता है और दहाड़े मार कर जोर से रोने लगता है। एक औरत उसके पास आती है और रोने का कारण पूछती है। सलीम बताता है कि उसे जीवन में एक दिन के लिए भी किसी औरत का सच्चा प्यार नहीं मिला। उस औरत को दया आ जाती है और वो सलीम को एक दिन के लिए प्यार करती है। इसी तरह से सलीम दूसरी पाक बस्ती में पहुंचता है और यही दोहराता है। वहां भी सलीम को सच्चा प्यार मिलता है। उसी बस्ती में एक आदमी पहुंचता है और औरत से सारी जानकारी लेता है क्योंकि वो सलीम को पहले से जानता होता है। कहानी जानने के बाद वो आदमी उस औरत से बोलता है कि तुम कहां इसके झांसे में आ गई, रो रो कर इसने मेरे बस्ती की सभी औरतों का प्यार पा लिया।

यही बात अमानातुल्ला जैसे लोगो पर लागू होता है। दिल्ली पुलिस ने जो चार्जशीट दाखिल किया है वो किसी मामूली मर्डर का नहीं है जहां उसने किसी को फसाने के लिए कोई कहानी गढ़ी है। ये दंगे की चार्जशीट है जो राष्ट्रीय और विश्व स्तर पर सुर्खियां बटोर चुका है।

चार्जशीट में ताहिर हुसैन दंगे का आयोजक और प्रायोजक दोनों है। टुकड़े गैंग का उमर खालिद ने फंडिंग का जुगाड किया। मरकज के मौलाना साद का करीबी भी दंगे से जुड़ा था। दंगे के दौरान आवाज लगाई जा रही थी कि हिन्दू काफिरों को चुन चुन कर मारो। ये सब चार्जशीट का हिस्सा है जो कम हो सकता है लेकिन ज्यादा नहीं। ताहिर हुसैन के पास लाइसेंस पिस्टल भी है जिसके तीस से ज्यादा कारतूस उसने कहां खर्च किया ये पूछने पर वो खामोश हो गया। अब सभी के जानने योग्य जानकारी के लिए इस विडियो को ३८वे मिनट से देखें जो फैक्ट बेस्ड है:

देर सवेर अमानतुल्ला और पाप पार्टी के बड़े लोगो का नाम भी चार्जशीट में आना चाहिए। बीस साल से मेवात में क्या चल रहा है उसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि इस पर यहां या कहीं कोई चर्चा नहीं है। ये अमनातुला ये भी नहीं जानता होगा कि ये खुद रोहिंग्या को सरकारी जमीन पर बसा रहा है और उनको बिजली पानी राशन भी पहुंचा रहा है पहचान पत्र के साथ।

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