ज़रा गौर से देखिए इस मासूम 19 साल की लड़की के चेहरे को
19 साल की ये खूबसूरत पंजाब की लड़की, एक साल पहले 2019 में अपने घर से 25 लाख के जेवर लेकर भाग गई थी, अपने प्रेमी अमन के साथ। वो भागकर एक महीने तक लगभग एक साथ रहती है, फिर 2019 के ईद के दिन–
अमन उसे अपने घर ले जाता है, वहा जाकर वो देखती है कि घर में खुशी का त्योहार का माहौल है, सब लोग ईद की खुशी मना रहे हैं, सब देखकर प्रिया (काल्पनिक नाम) के पैरो तले जमीन खिसकने लगी, अमन उसे बतात है कि उसका असली नाम साकिब है ,प्रिया आज के बुद्धिजीवी तरह की लड़की नहीं थी उसे पता था कि एक काफ़िर लड़की से साकिब ज्यादा से ज्यादा छः बच्चे पैदा करने तक प्यार कर सकता है ताकि उसकी क्वाम् की आबादी बढ़ सके या फिर जब तक उसे उसके तरह कि कोई और लड़की ना मिले,वो उसके साथ रहने से मना कर देती है और धोखाधड़ी का केस करने कि धमकी देती है
उसके बाद उस ईद की रात को, साकिब उसे आलम के फर्महाउस में ले जाता है, वहा गन्ने के खेत में उसे मारकर टुकड़े टुकड़े करके वहीं दफना देता है।
6 महीने बाद-
एक सज्जन एक कुत्ते के मूह में किसी इंसान का काफी बुरी अवस्था में हाथ देखते हैं, वो पुलिस को बताते है पुलिस आती है इलाके की पूरी तलाशी लेती है, और उस गन्ने के खेत में जाकर पुलिस को प्रिया की लाश मिली,उसके बाद पुलिस ने लड़की की पहचान खोजना शुरू कि,पूरे देश में घूमी फिर जाकर लुधियाना में उन्हें लड़की का परिवार मिलता है, मेरठ पुलिस ने इस ईद तक लगभग साल भर बाद मासूम सूरत वाले इस दरिंदे साकिब को गिरफ्तार करती है ,पता नहीं अब तक इसने कितनी लड़कियों के साथ ऐसा किया होगा पर राहत की बात है कि शायद अब ये नहीं कर पाएगा ऐसा,पर दुख कि बात ये है कि देश में एक साकिब नहीं 20 crore शांतिदूतों में 10 crore पुरुष है जिसमें को 5 crore का उम्र ऐसा करने में सक्षम होगा
हमे अपनी बच्चियों,बहनों को ज्ञान तो देना है,उन्हें आज़ादी भी देनी चाहिए पर इस सब से पहले उन्हें इस ” 5 करोड़ साकिब को पहचानने लायक बनाना होगा”
धन्यवाद् पुलिस,उन्हें जानकारी देने वाले सज्जन के साथ साथ कुत्ते का भी करना होगा,जिसके कारण ये आज जेल में है और कुछ लड़कियां सुरक्षित है।
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