जी हां, मैं उनसे नफरत करता हूं
- जो जिहादी हैं,
- जो मुझे काफिर के तरह समझते हैं,
- जो भारत में शरिया लागू करना चाहते हैं,
- जो गजवा ए हिंद स्थापित करना चाहते हैं,
- जो हमारे सैनिकों पर पत्थर फेंकते हैं,
- जो भारत को टुकड़ों में बांटना चाहते हैं।
और मुझे तनिक भी चिंता नहीं कि कौन मुझसे खुश होंगे और कौन नाराज। मुझे तनिक भी शर्मिंदगी भी नहीं है यह कहने में कि मैं उनसे नफरत करता हूं और हमेशा करता रहूंगा।
मूल लेखक अंकित पाठक
स्त्रोत https://bit.ly/2ZABQCK