ऐसा क्या है जो साझा करने लायक है?

आप सभी ने ब्वॉयज लॉकर रूम के बारे में तो सुना ही होगा। सभी के लिए यह शर्मिंदगी की बात थी कि समाज में ऐसे लोग भी हैं जो खुलेआम यौन हिंसा जैसी चीज़ों की बात करते हैं। लेकिन अभी इस कहानी में एक नया मोड़ आया है।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के दौरान पाया है कि एक लड़की ने ‘सिद्धार्थ’ नाम से नकली स्नैपचैट अकाउंट बनाकर खुद का रेप करने की बात की थी। उस लड़की मकसद था एक लड़के के चरित्र की जांच करना और ऐसे हालात में वह लड़का कैसी प्रतिक्रिया देता है। उक्त लड़का और लड़की आस-पास रहते हैं।[1]

लड़के के चरित्र जांच करने के लिए लड़की ने एक ‘सिद्धार्थ’ नाम से एक नकली स्नैपचैट अकाउंट बनाया और उससे खुद पर यौन हिंसा करने की बात की। इस वार्तालाप के बाद लड़के ने ‘सिद्धार्थ (लड़की)’ को रिप्लाई करना बंद कर दिया। लड़के ने ‘सिद्धार्थ’ से अपनी बातचीत का स्क्रीनशॉट अपने दोस्तों और उसी लड़की से साझा किया और पूरी बात बताई।

जब ब्वॉयज लॉकर रूम के चैट स्क्रीनशॉट्स सामने आए तो किसी ने स्नैपचैट के इस वार्तालाप का भी स्क्रीनशॉट साझा कर दिया और उसे ब्वॉयज लॉकर रूम से जोड़कर देखा जाने लगा। इस स्नैपचैट स्क्रीनशॉट के फैलते ही बात यह फैली की लड़के ग्रुप बनाकर रेप करने की योजना बना रहे हैं।

पुलिस ने लड़की से पूछताछ की तो उस लड़की ने कबूल किया कि उसने ‘सिद्धार्थ’ नाम से नकली स्नैपचैट अकाउंट बनाकर खुद पर ही यौन हिंसा की बात की ताकि वह अपने सहपाठी के चरित्र और इस स्थिति में उसकी प्रतिक्रिया को जान सके।[2]

ब्वॉयज लॉकर रूम ग्रुप में जुड़े 27 लड़कों का रेप वाले स्नैपचैट स्क्रीनशॉट चैट से कोई संबंध नहीं है। पुलिस ने ब्वॉयज लॉकर रूम ग्रुप में जुड़े 27 में से 24 लड़कों की पहचान और उनसे पूछताछ कर चुकी है। 2 लड़के अभी भी पहुंच से बाहर हैं और एक की पहचान पता करना बाकी है।

यह एक वाकई हैरान करने वाली वाकया है क्योंकि अभी कुछ ही दिन पहले गुरुग्राम में एक 17 वर्षीय लड़के ने आत्महत्या कर ली क्योंकि एक लड़की इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी के ज़रिए ने उस पर आरोप लगाया कि उस लड़के ने 2 वर्ष पहले उसके साथ छेड़खानी और बलात्कार किया है। लड़की के पास इस घटना का ना कोई प्रमाण था ना ही कोई सबूत। इसके बाद लड़के को कई जगह से धमकियां मिलने लगी जिसके वजह से वह लड़का अवसाद में आ गया। यह सब चीज़ उससे सहन नहीं हो पाई और उसने आत्महत्या कर ली। वह अपने परिवार में सबसे छोटा था।

एक गलत आरोप ने एक लड़के की जान ले ली। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय सभी को अतिरिक्त सावधानी बरतने की ज़रूरत है। एक फेक चैट की वजह से 27 लड़कों को भविष्य का बलात्कारी बता दिया गया और एक अप्रमाणित आरोप ने एक लड़के की जान ले ली। थोड़ी सी प्रसिद्धि के लिए एक गैरज़िम्मेदाराना हरकत किसी की जान ले सकती है।

सोशल मीडिया का प्रयोग ज़िम्मेदारी और सावधानी के साथ करें।

चित्र स्रोत: टाइम्स ऑफ इंडिया

स्त्रोत: https://bit.ly/2TGRfNV

मूल लेखक : तरुण सोनकर